धर्मसाधन

पंचांग — 14 अप्रैल 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशी — 14:45 तक
फिर कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद — 05:54 (अगले दिन) तक
फिर उत्तराभाद्रपद
योगब्रह्म — 03:54 (अगले दिन) तक
फिर ऐन्द्र
करणतैतिल — 14:45 तक
फिर गर
सूर्योदय06:55
सूर्यास्त20:09
राहु काल16:50–18:30
अभिजित मुहूर्त13:05–13:58

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमेष0°17′अश्विनी (1)
चंद्रकुंभ20°10′पूर्वाभाद्रपद (1)
मंगलमीन9°23′उत्तराभाद्रपद (2)
बुधमीन4°50′उत्तराभाद्रपद (1)
गुरुमिथुन22°41′पुनर्वसु (1)
शुक्रमेष23°56′भरणी (4)
शनिमीन13°03′उत्तराभाद्रपद (3)
राहुकुंभ12°28′शतभिषा (2)वक्री
केतुसिंह12°28′मघा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:55–08:34रोगअशुभ
08:34–10:13उद्वेगअशुभ
10:13–11:52चरसामान्य
11:52–13:32लाभशुभ
13:32–15:11अमृतशुभ
15:11–16:50कालअशुभ
16:50–18:30शुभशुभ
18:30–20:09रोगअशुभ

रात

20:09–21:29कालअशुभ
21:29–22:50शुभशुभ
22:50–00:10रोगअशुभ
00:10–01:31उद्वेगअशुभ
01:31–02:52चरसामान्य
02:52–04:12लाभशुभ
04:12–05:33अमृतशुभ
05:33–06:53कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।