धर्मसाधन

पंचांग — 4 मई 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीया — 19:57 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रज्येष्ठा — 03:25 (अगले दिन) तक
फिर मूल
योगपरिघ — 13:49 तक
फिर शिव
करणवणिज — 06:45 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय06:28
सूर्यास्त20:29
राहु काल08:13–09:58
अभिजित मुहूर्त13:00–13:56

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमेष19°45′भरणी (2)
चंद्रवृश्चिक19°38′ज्येष्ठा (1)
मंगलमीन24°46′रेवती (3)
बुधमेष8°21′अश्विनी (3)
गुरुमिथुन25°11′पुनर्वसु (2)
शुक्रवृषभ18°14′रोहिणी (3)
शनिमीन15°22′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुकुंभ11°24′शतभिषा (2)वक्री
केतुसिंह11°24′मघा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:28–08:13अमृतशुभ
08:13–09:58कालअशुभ
09:58–11:43शुभशुभ
11:43–13:28रोगअशुभ
13:28–15:13उद्वेगअशुभ
15:13–16:59चरसामान्य
16:59–18:44लाभशुभ
18:44–20:29अमृतशुभ

रात

20:29–21:44चरसामान्य
21:44–22:58लाभशुभ
22:58–00:13अमृतशुभ
00:13–01:28कालअशुभ
01:28–02:42शुभशुभ
02:42–03:57रोगअशुभ
03:57–05:12उद्वेगअशुभ
05:12–06:26चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।