धर्मसाधन

पंचांग — 1 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीया — 13:39 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रशतभिषा — 11:16 तक
फिर पूर्वाभाद्रपद
योगशोभन — 13:52 तक
फिर अतिगंड
करणविष्टि (भद्रा) — 13:39 तक
फिर बव
सूर्योदय06:30
सूर्यास्त20:45
राहु काल10:04–11:51
अभिजित मुहूर्त13:09–14:06

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकर्क14°59′पुष्य (4)
चंद्रकुंभ17°28′शतभिषा (4)
मंगलवृषभ29°08′मृगशिरा (2)
बुधमिथुन25°39′पुनर्वसु (2)
गुरुकर्क12°51′पुष्य (3)
शुक्रकन्या0°17′उत्तरा फाल्गुनी (2)
शनिमीन20°34′रेवती (2)वक्री
राहुकुंभ6°41′शतभिषा (1)वक्री
केतुसिंह6°41′मघा (3)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:30–08:17कालअशुभ
08:17–10:04शुभशुभ
10:04–11:51रोगअशुभ
11:51–13:38उद्वेगअशुभ
13:38–15:25चरसामान्य
15:25–17:12लाभशुभ
17:12–18:58अमृतशुभ
18:58–20:45कालअशुभ

रात

20:45–21:59लाभशुभ
21:59–23:12अमृतशुभ
23:12–00:25कालअशुभ
00:25–01:38शुभशुभ
01:38–02:52रोगअशुभ
02:52–04:05उद्वेगअशुभ
04:05–05:18चरसामान्य
05:18–06:31लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।