धर्मसाधन

पंचांग — 4 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठी — 12:35 तक
फिर कृष्ण पक्ष सप्तमी
नक्षत्ररेवती — 12:25 तक
फिर अश्विनी
योगधृति — 10:03 तक
फिर शूल
करणवणिज — 12:35 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय06:33
सूर्यास्त20:42
राहु काल17:10–18:56
अभिजित मुहूर्त13:09–14:06

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकर्क17°51′आश्लेषा (1)
चंद्रमीन26°42′रेवती (4)
मंगलमिथुन1°09′मृगशिरा (3)
बुधमिथुन28°38′पुनर्वसु (3)
गुरुकर्क13°31′पुष्य (4)
शुक्रकन्या3°22′उत्तरा फाल्गुनी (3)
शनिमीन20°32′रेवती (2)वक्री
राहुकुंभ6°32′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह6°32′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:33–08:19रोगअशुभ
08:19–10:05उद्वेगअशुभ
10:05–11:51चरसामान्य
11:51–13:38लाभशुभ
13:38–15:24अमृतशुभ
15:24–17:10कालअशुभ
17:10–18:56शुभशुभ
18:56–20:42रोगअशुभ

रात

20:42–21:56कालअशुभ
21:56–23:10शुभशुभ
23:10–00:24रोगअशुभ
00:24–01:38उद्वेगअशुभ
01:38–02:52चरसामान्य
02:52–04:06लाभशुभ
04:06–05:20अमृतशुभ
05:20–06:34कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।