धर्मसाधन

पंचांग — 11 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशी — 16:25 तक
फिर कृष्ण पक्ष अमावस्या
नक्षत्रपुष्य — 22:30 तक
फिर आश्लेषा
योगसिद्धि — 09:21 तक
फिर व्यतीपात
करणशकुनि — 16:25 तक
फिर चतुष्पाद
सूर्योदय06:40
सूर्यास्त20:34
राहु काल17:05–18:49
अभिजित मुहूर्त13:09–14:04

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकर्क24°34′आश्लेषा (3)
चंद्रकर्क7°00′पुष्य (2)
मंगलमिथुन5°49′मृगशिरा (4)
बुधकर्क8°39′पुष्य (2)
गुरुकर्क15°03′पुष्य (4)
शुक्रकन्या10°24′हस्त (1)
शनिमीन20°23′रेवती (2)वक्री
राहुकुंभ6°09′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह6°09′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:40–08:24रोगअशुभ
08:24–10:08उद्वेगअशुभ
10:08–11:52चरसामान्य
11:52–13:37लाभशुभ
13:37–15:21अमृतशुभ
15:21–17:05कालअशुभ
17:05–18:49शुभशुभ
18:49–20:34रोगअशुभ

रात

20:34–21:49कालअशुभ
21:49–23:05शुभशुभ
23:05–00:21रोगअशुभ
00:21–01:37उद्वेगअशुभ
01:37–02:53चरसामान्य
02:53–04:09लाभशुभ
04:09–05:25अमृतशुभ
05:25–06:41कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।