धर्मसाधन

पंचांग — 21 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल पक्ष नवमी — 14:08 तक
फिर शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्रज्येष्ठा — 05:20 (अगले दिन) तक
फिर मूल
योगवैधृति — 19:48 तक
फिर विष्कंभ
करणकौलव — 14:08 तक
फिर तैतिल
सूर्योदय06:49
सूर्यास्त20:20
राहु काल11:53–13:35
अभिजित मुहूर्त13:08–14:02

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह4°11′मघा (2)
चंद्रवृश्चिक18°51′ज्येष्ठा (1)
मंगलमिथुन12°23′आर्द्रा (2)
बुधकर्क27°43′आश्लेषा (4)
गुरुकर्क17°14′आश्लेषा (1)
शुक्रकन्या19°53′हस्त (3)
शनिमीन20°03′रेवती (2)वक्री
राहुकुंभ5°38′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह5°38′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:49–08:31चरसामान्य
08:31–10:12लाभशुभ
10:12–11:53अमृतशुभ
11:53–13:35कालअशुभ
13:35–15:16शुभशुभ
15:16–16:57रोगअशुभ
16:57–18:39उद्वेगअशुभ
18:39–20:20चरसामान्य

रात

20:20–21:39रोगअशुभ
21:39–22:57उद्वेगअशुभ
22:57–00:16चरसामान्य
00:16–01:35लाभशुभ
01:35–02:54अमृतशुभ
02:54–04:13कालअशुभ
04:13–05:31शुभशुभ
05:31–06:50रोगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।