धर्मसाधन

पंचांग — 4 फ़रवरी 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशी — 08:37 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष अमावस्या
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — 08:03 (अगले दिन) तक
फिर श्रवण
योगवज्र — 09:11 तक
फिर सिद्धि
करणविष्टि (भद्रा) — 19:22 तक
फिर शकुनि
सूर्योदय07:37
सूर्यास्त17:54
राहु काल14:03–15:20
अभिजित मुहूर्त12:25–13:06

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमकर21°13′श्रवण (4)
चंद्रधनु27°55′उत्तराषाढ़ा (1)
मंगलसिंह12°07′मघा (4)वक्री
बुधकुंभ9°26′शतभिषा (1)
गुरुकर्क28°41′आश्लेषा (4)वक्री
शुक्रधनु6°49′मूल (3)
शनिमीन16°25′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुमकर26°46′धनिष्ठा (2)वक्री
केतुकर्क26°46′आश्लेषा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:37–08:54शुभशुभ
08:54–10:11रोगअशुभ
10:11–11:28उद्वेगअशुभ
11:28–12:45चरसामान्य
12:45–14:03लाभशुभ
14:03–15:20अमृतशुभ
15:20–16:37कालअशुभ
16:37–17:54शुभशुभ

रात

17:54–19:37अमृतशुभ
19:37–21:19कालअशुभ
21:19–23:02शुभशुभ
23:02–00:45रोगअशुभ
00:45–02:28उद्वेगअशुभ
02:28–04:10चरसामान्य
04:10–05:53लाभशुभ
05:53–07:36अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।