धर्मसाधन

पंचांग — 4 मार्च 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशी — 23:26 तक
फिर कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — 15:06 तक
फिर श्रवण
योगवरीयान — 15:30 तक
फिर परिघ
करणकौलव — 10:13 तक
फिर तैतिल
सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:26
राहु काल14:09–15:35
अभिजित मुहूर्त12:20–13:06

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकुंभ19°26′शतभिषा (4)
चंद्रमकर5°59′उत्तराषाढ़ा (3)
मंगलसिंह1°39′मघा (1)वक्री
बुधमकर26°44′धनिष्ठा (2)
गुरुकर्क25°08′आश्लेषा (3)वक्री
शुक्रमकर9°36′उत्तराषाढ़ा (4)
शनिमीन19°18′रेवती (1)
राहुमकर25°17′धनिष्ठा (1)वक्री
केतुकर्क25°17′आश्लेषा (3)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:00–08:26शुभशुभ
08:26–09:52रोगअशुभ
09:52–11:17उद्वेगअशुभ
11:17–12:43चरसामान्य
12:43–14:09लाभशुभ
14:09–15:35अमृतशुभ
15:35–17:00कालअशुभ
17:00–18:26शुभशुभ

रात

18:26–20:00अमृतशुभ
20:00–21:34कालअशुभ
21:34–23:08शुभशुभ
23:08–00:42रोगअशुभ
00:42–02:16उद्वेगअशुभ
02:16–03:51चरसामान्य
03:51–05:25लाभशुभ
05:25–06:59अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।