धर्मसाधन

पंचांग — 11 मार्च 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थी — 04:29 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष पंचमी
नक्षत्रअश्विनी — 00:53 (अगले दिन) तक
फिर भरणी
योगब्रह्म — 12:52 तक
फिर ऐन्द्र
करणवणिज — 16:52 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय06:49
सूर्यास्त18:34
राहु काल14:10–15:38
अभिजित मुहूर्त12:18–13:05

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकुंभ26°26′पूर्वाभाद्रपद (2)
चंद्रमेष3°17′अश्विनी (1)
मंगलकर्क29°31′आश्लेषा (4)वक्री
बुधमकर29°39′धनिष्ठा (2)
गुरुकर्क24°25′आश्लेषा (3)वक्री
शुक्रमकर17°56′श्रवण (3)
शनिमीन20°07′रेवती (2)
राहुमकर24°55′धनिष्ठा (1)वक्री
केतुकर्क24°55′आश्लेषा (3)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:49–08:17शुभशुभ
08:17–09:45रोगअशुभ
09:45–11:13उद्वेगअशुभ
11:13–12:41चरसामान्य
12:41–14:10लाभशुभ
14:10–15:38अमृतशुभ
15:38–17:06कालअशुभ
17:06–18:34शुभशुभ

रात

18:34–20:06अमृतशुभ
20:06–21:37कालअशुभ
21:37–23:09शुभशुभ
23:09–00:41रोगअशुभ
00:41–02:12उद्वेगअशुभ
02:12–03:44चरसामान्य
03:44–05:16लाभशुभ
05:16–06:48अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।