धर्मसाधन

पंचांग — 1 अप्रैल 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष दशमी — 15:17 तक
फिर कृष्ण पक्ष एकादशी
नक्षत्रश्रवण — 02:47 (अगले दिन) तक
फिर धनिष्ठा
योगसिद्ध — 00:10 (अगले दिन) तक
फिर साध्य
करणविष्टि (भद्रा) — 15:17 तक
फिर बव
सूर्योदय07:15
सूर्यास्त19:55
राहु काल15:10–16:45
अभिजित मुहूर्त13:10–14:01

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमीन17°16′रेवती (1)
चंद्रमकर13°37′श्रवण (2)
मंगलकर्क26°41′आश्लेषा (4)वक्री
बुधकुंभ23°52′पूर्वाभाद्रपद (2)
गुरुकर्क23°00′आश्लेषा (2)वक्री
शुक्रकुंभ13°09′शतभिषा (2)
शनिमीन22°42′रेवती (2)
राहुमकर23°49′धनिष्ठा (1)वक्री
केतुकर्क23°49′आश्लेषा (3)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:15–08:50शुभशुभ
08:50–10:25रोगअशुभ
10:25–12:00उद्वेगअशुभ
12:00–13:35चरसामान्य
13:35–15:10लाभशुभ
15:10–16:45अमृतशुभ
16:45–18:20कालअशुभ
18:20–19:55शुभशुभ

रात

19:55–21:20अमृतशुभ
21:20–22:45कालअशुभ
22:45–00:10शुभशुभ
00:10–01:35रोगअशुभ
01:35–02:59उद्वेगअशुभ
02:59–04:24चरसामान्य
04:24–05:49लाभशुभ
05:49–07:14अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।