धर्मसाधन

पंचांग — 4 अप्रैल 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वाररविवार
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशी — 19:55 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद — 08:17 (अगले दिन) तक
फिर उत्तराभाद्रपद
योगशुक्ल — 00:17 (अगले दिन) तक
फिर ब्रह्म
करणगर — 07:32 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:11
सूर्यास्त19:58
राहु काल18:22–19:58
अभिजित मुहूर्त13:09–14:00

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमीन20°13′रेवती (2)
चंद्रकुंभ20°03′पूर्वाभाद्रपद (1)
मंगलकर्क26°44′आश्लेषा (4)
बुधकुंभ28°27′पूर्वाभाद्रपद (3)
गुरुकर्क22°54′आश्लेषा (2)वक्री
शुक्रकुंभ16°46′शतभिषा (4)
शनिमीन23°05′रेवती (2)
राहुमकर23°39′धनिष्ठा (1)वक्री
केतुकर्क23°39′आश्लेषा (3)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:11–08:47उद्वेगअशुभ
08:47–10:23चरसामान्य
10:23–11:59लाभशुभ
11:59–13:34अमृतशुभ
13:34–15:10कालअशुभ
15:10–16:46शुभशुभ
16:46–18:22रोगअशुभ
18:22–19:58उद्वेगअशुभ

रात

19:58–21:22शुभशुभ
21:22–22:46रोगअशुभ
22:46–00:10उद्वेगअशुभ
00:10–01:34चरसामान्य
01:34–02:58लाभशुभ
02:58–04:21अमृतशुभ
04:21–05:45कालअशुभ
05:45–07:09शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।