धर्मसाधन

पंचांग — 19 अप्रैल 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वाररविवार
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीया — 22:00 तक
फिर शुक्ल पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रकृत्तिका — 19:06 तक
फिर रोहिणी
योगआयुष्मान — 10:31 तक
फिर सौभाग्य
करणतैतिल — 11:40 तक
फिर गर
सूर्योदय06:47
सूर्यास्त20:14
राहु काल18:33–20:14
अभिजित मुहूर्त13:04–13:57

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमेष5°10′अश्विनी (2)
चंद्रवृषभ2°20′कृत्तिका (2)
मंगलमीन13°15′उत्तराभाद्रपद (3)
बुधमीन12°07′उत्तराभाद्रपद (3)
गुरुमिथुन23°13′पुनर्वसु (1)
शुक्रवृषभ0°02′कृत्तिका (2)
शनिमीन13°39′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुकुंभ12°12′शतभिषा (2)वक्री
केतुसिंह12°12′मघा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:47–08:28उद्वेगअशुभ
08:28–10:09चरसामान्य
10:09–11:50लाभशुभ
11:50–13:31अमृतशुभ
13:31–15:11कालअशुभ
15:11–16:52शुभशुभ
16:52–18:33रोगअशुभ
18:33–20:14उद्वेगअशुभ

रात

20:14–21:33शुभशुभ
21:33–22:52रोगअशुभ
22:52–00:11उद्वेगअशुभ
00:11–01:30चरसामान्य
01:30–02:49लाभशुभ
02:49–04:08अमृतशुभ
04:08–05:27कालअशुभ
05:27–06:46शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।