धर्मसाधन

पंचांग — 18 अप्रैल 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीया — 01:22 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष तृतीया
नक्षत्रभरणी — 21:41 तक
फिर कृत्तिका
योगप्रीति — 14:26 तक
फिर आयुष्मान
करणबालव — 15:03 तक
फिर कौलव
सूर्योदय06:49
सूर्यास्त20:13
राहु काल10:10–11:50
अभिजित मुहूर्त13:04–13:58

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यमेष4°12′अश्विनी (2)
चंद्रमेष17°25′भरणी (2)
मंगलमीन12°29′उत्तराभाद्रपद (3)
बुधमीन10°36′उत्तराभाद्रपद (3)
गुरुमिथुन23°07′पुनर्वसु (1)
शुक्रमेष28°49′कृत्तिका (1)
शनिमीन13°32′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुकुंभ12°15′शतभिषा (2)वक्री
केतुसिंह12°15′मघा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:49–08:29कालअशुभ
08:29–10:10शुभशुभ
10:10–11:50रोगअशुभ
11:50–13:31उद्वेगअशुभ
13:31–15:11चरसामान्य
15:11–16:52लाभशुभ
16:52–18:32अमृतशुभ
18:32–20:13कालअशुभ

रात

20:13–21:32लाभशुभ
21:32–22:51अमृतशुभ
22:51–00:11कालअशुभ
00:11–01:30शुभशुभ
01:30–02:49रोगअशुभ
02:49–04:09उद्वेगअशुभ
04:09–05:28चरसामान्य
05:28–06:47लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।