धर्मसाधन

पंचांग — 17 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वारगुरुवार
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमी — 03:32 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष अष्टमी
नक्षत्रअनुराधा — 10:24 तक
फिर ज्येष्ठा
योगप्रीति — 04:05 (अगले दिन) तक
फिर आयुष्मान
करणगर — 14:23 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:15
सूर्यास्त19:37
राहु काल14:59–16:32
अभिजित मुहूर्त13:01–13:51

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या0°21′उत्तरा फाल्गुनी (2)
चंद्रवृश्चिक15°05′अनुराधा (4)
मंगलमिथुन29°24′पुनर्वसु (3)
बुधकन्या16°50′हस्त (3)
गुरुकर्क22°50′आश्लेषा (2)
शुक्रतुला9°55′स्वाति (1)
शनिमीन18°27′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ4°12′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह4°12′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:15–08:47शुभशुभ
08:47–10:20रोगअशुभ
10:20–11:53उद्वेगअशुभ
11:53–13:26चरसामान्य
13:26–14:59लाभशुभ
14:59–16:32अमृतशुभ
16:32–18:04कालअशुभ
18:04–19:37शुभशुभ

रात

19:37–21:04अमृतशुभ
21:04–22:32कालअशुभ
22:32–23:59शुभशुभ
23:59–01:26रोगअशुभ
01:26–02:54उद्वेगअशुभ
02:54–04:21चरसामान्य
04:21–05:48लाभशुभ
05:48–07:16अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।