धर्मसाधन

पंचांग — 18 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशुक्रवार
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमी — 05:58 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष नवमी
नक्षत्रज्येष्ठा — 13:15 तक
फिर मूल
योगआयुष्मान — 04:59 (अगले दिन) तक
फिर सौभाग्य
करणविष्टि (भद्रा) — 16:44 तक
फिर बव
सूर्योदय07:16
सूर्यास्त19:35
राहु काल11:53–13:26
अभिजित मुहूर्त13:01–13:50

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या1°20′उत्तरा फाल्गुनी (2)
चंद्रवृश्चिक27°02′ज्येष्ठा (4)
मंगलकर्क0°00′पुनर्वसु (4)
बुधकन्या18°23′हस्त (3)
गुरुकर्क23°02′आश्लेषा (2)
शुक्रतुला10°25′स्वाति (2)
शनिमीन18°23′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ4°09′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह4°09′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:16–08:48चरसामान्य
08:48–10:21लाभशुभ
10:21–11:53अमृतशुभ
11:53–13:26कालअशुभ
13:26–14:58शुभशुभ
14:58–16:31रोगअशुभ
16:31–18:03उद्वेगअशुभ
18:03–19:35चरसामान्य

रात

19:35–21:03रोगअशुभ
21:03–22:31उद्वेगअशुभ
22:31–23:58चरसामान्य
23:58–01:26लाभशुभ
01:26–02:54अमृतशुभ
02:54–04:21कालअशुभ
04:21–05:49शुभशुभ
05:49–07:17रोगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।