धर्मसाधन

पंचांग — 21 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारबुधवार
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशी — 05:19 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष द्वादशी
नक्षत्रधनिष्ठा — 10:18 तक
फिर शतभिषा
योगगंड — 15:03 तक
फिर वृद्धि
करणवणिज — 17:07 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय07:49
सूर्यास्त18:43
राहु काल13:16–14:38
अभिजित मुहूर्त12:54–13:38

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला3°52′चित्रा (4)
चंद्रकुंभ5°21′धनिष्ठा (4)
मंगलकर्क18°56′आश्लेषा (1)
बुधतुला26°15′विशाखा (2)
गुरुकर्क28°43′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला8°07′स्वाति (1)वक्री
शनिमीन15°51′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°24′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°24′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:49–09:11लाभशुभ
09:11–10:32अमृतशुभ
10:32–11:54कालअशुभ
11:54–13:16शुभशुभ
13:16–14:38रोगअशुभ
14:38–16:00उद्वेगअशुभ
16:00–17:22चरसामान्य
17:22–18:43लाभशुभ

रात

18:43–20:22उद्वेगअशुभ
20:22–22:00चरसामान्य
22:00–23:38लाभशुभ
23:38–01:17अमृतशुभ
01:17–02:55कालअशुभ
02:55–04:33शुभशुभ
04:33–06:11रोगअशुभ
06:11–07:50उद्वेगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।