धर्मसाधन

पंचांग — 16 नवंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमी — 17:51 तक
फिर शुक्ल पक्ष अष्टमी
नक्षत्रश्रवण — 15:47 तक
फिर धनिष्ठा
योगवृद्धि — 21:24 तक
फिर ध्रुव
करणवणिज — 17:51 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय07:18
सूर्यास्त17:15
राहु काल08:33–09:47
अभिजित मुहूर्त11:56–12:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला29°55′विशाखा (3)
चंद्रमकर19°05′श्रवण (3)
मंगलसिंह1°46′मघा (1)
बुधतुला11°30′स्वाति (2)
गुरुसिंह1°42′मघा (1)
शुक्रकन्या28°44′चित्रा (2)
शनिमीन14°18′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°01′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°01′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:18–08:33अमृतशुभ
08:33–09:47कालअशुभ
09:47–11:02शुभशुभ
11:02–12:16रोगअशुभ
12:16–13:31उद्वेगअशुभ
13:31–14:45चरसामान्य
14:45–16:00लाभशुभ
16:00–17:15अमृतशुभ

रात

17:15–19:00चरसामान्य
19:00–20:46लाभशुभ
20:46–22:31अमृतशुभ
22:31–00:17कालअशुभ
00:17–02:02शुभशुभ
02:02–03:48रोगअशुभ
03:48–05:34उद्वेगअशुभ
05:34–07:19चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।